निष्ठा मोड्यूल 13 विद्यालय नेतृत्व-संकल्पना और अनुप्रयोग
निष्ठा प्रशिक्षण (NISHTHA TRAINING MODULE) क्या हैं ?
निष्ठा का पूरा नाम NISHTHA – National Initiative for School Heads
and Teachers Holistic Advancement है। जो केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (HRD) की और से शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिये
और आधुनिक रूप से बढ़ावा ने के लिए कार्य
करता है। जिसके लिए भारत सरकार की ओर से Teachers Education Program शुरू किया गया। निष्ठा प्रशिक्षण में 16 अक्टूबर
2020 से 15 जनवरी 2021 तक NCERT द्वारा निर्धारित 18 Module NISHTHA course online training Program के तहत प्रशिक्षण दिया जायेगा। निष्ठा प्रशिक्षण के तहत 8th तक के
बच्चों के बच्चों के लिए सरकार 42 लाख शिक्षकों को शिक्षण प्रदान करेगी। निष्ठा मॉड्यूल
प्रशिक्षण कार्यक्रम 2020 की अधिक जानकारी के लिए हमारे लेख के साथ अंत तक बने रहें।
निष्ठा का 13 प्रशिक्षण — विद्यालय नेतृत्व-संकल्पना और अनुप्रयोग
उद्देश्य :- छात्र अधिगम व् गुणवत्ता सुधार करने
हेतु आकादमिक महत्व विकसित करने में |
प्रश्न 1 : विद्यालय के स्टाफ के साथ दल अधिगम की प्रक्रिया का समेकन करने के
लिए उचित अवसर क्या है ?
1.
खेल का मैदान
2.
कक्षा कक्ष
3.
स्टाफ मीटिंग
4. रसोई घर
उत्तर 1 : स्टाफ मीटिंग
प्रश्न 2: विद्यालय नेतृत्व का सीधा प्रभाव छात्र अधिगम पर पड़ता है इसका अर्थ
है |
1.
विद्यालय का
चक्कर लगाना |
2.
विद्यालय प्रमुख
द्वारा कक्षा में शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में सम्मिलित होना |
3.
अकस्मात छात्रों
की नोटबुक का निरिक्षण करना |
4. अध्यापकों को नए शिक्षण तरीकों का प्रयोग करने में सहायता करना |
उत्तर 2 : विद्यालय प्रमुख द्वारा कक्षा में शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में
सम्मिलित होना |
प्रश्न 3 : विद्यालय विकास योजना किसके लिए उपयोगी नहीं है ?
1.
विद्यालय का विजन
निर्मित करने में |
2.
विद्यालय से
सम्बंधित क्षेत्रों का आकलन करने में |
3.
विद्यालय में
उपलब्ध संसाधनों का आकलन करने में |
4. केवल प्रशासकीय उद्देश्यों के लिए |
उत्तर 3 : केवल प्रशासकीय उद्देश्यों के लिए |
प्रश्न 4 : इनमे से कोण सा विकल्प सक्रीय अधिगम नहीं है ?
1.
सक्रिय अधिगम एक
दुसरे से सीखने को प्रेरित करता है |
2.
सक्रिय अधिगम
व्यक्तिगत सोच को प्रोत्साहित नहीं करता |
3.
सक्रिय अधिगम
विश्लेषणात्मक सोच पर जोर देता है |
4. सक्रिय अधिगम में अध्यापक सुगम्कर्ता होता है |
उत्तर 4 : सक्रिय अधिगम व्यक्तिगत सोच को प्रोत्साहित नहीं करता |
प्रश्न 5 : विद्यालय में अधिगम संस्कृति विकसित करने की संकल्पना को इनमे से
कोण सा विकल्प सुपरिभाषित कर सकता है ?
1.
अधिगम प्रतिफल |
2.
विद्यालय विकास
योजना|
3.
साझा दृष्टिकोण
का निर्माण करना |
4. दल अधिगम |
उत्तर 5 : दल अधिगम |
प्रश्न 6 :इनमे से कौन से अकादमिक नेतृत्व के मुख्य अवयव नहीं है ?
1.
सक्रीय अधिगम
2.
शिक्षणशास्त्र-
विषयवस्तु ज्ञान |
3.
अकादमिक
पर्यवेक्षण |
4. प्रशासनिक नियमों एवं विनियमों की समझ |
उत्तर 6 : प्रशासनिक नियमों एवं विनियमों की समझ |
प्रश्न 7 : शिक्षणशास्त्र- विषयवस्तु ज्ञान की संकल्पना में निम्न में से कौन
सा बिंदु सहायक नहीं है?
1.
शिक्षणशास्त्र-
विषयवस्तु ज्ञान|
2.
विषय की
शिक्षणशास्त्र सम्बन्धी समझ|
3.
छात्रों की अधिगम
सम्बन्धी आवश्यकताएं एवं विविधिता |
4. विद्यालय के भौतिक संसाधन
उत्तर 7: विद्यालय के भौतिक संसाधन
प्रश्न 8: स्वयं को विद्यालय/अध्यापक नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित करने
हेतु तीन मुख्य अवयव क्या हैं ?
1.
ज्ञान, सम्प्रेषण एवं नकारात्मक सोच |
2.
ज्ञान, कौशल, एवं अभिव्यक्ति|
3.
सकारात्मक सोच, अनम्य होना एवं सम्प्रेषण|
4. अभिवृत्ति कौशल एवं सम्प्रेषण |
उत्तर 8: ज्ञान, कौशल, एवं अभिव्यक्ति|
प्रश्न 9: विद्यालय प्रमुख के तौर पर विद्यालय नेतृत्वकर्ता की क्या भूमिका
होनी चहिये ?
1.
एक नेतृत्वकर्ता
के रूप में |
2.
लीडर बाई पोजीशन |
3.
लीडर बाई एक्शन |
4. लीडर बाई पोजीशन के साथ साथ लीडर बाई एक्शन होना
उत्तर 9: लीडर बाई पोजीशन के साथ साथ लीडर बाई एक्शन होना
प्रश्न 10:प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता बनने के लिए स्वयं के कौन से दो
महत्त्वपूर्ण गुण आवश्यक है?
1.
प्रशासक एवं
प्रबंधक |
2.
आयोजक एवं
योजनाकर्ता |
3.
पहलकर्ता एवं
सकारात्मक दृष्टिकोण |
4. खलल पैदा करने वाला एवं शिकायती रवैया
उत्तर 10: पहलकर्ता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण |

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